अहमदाबाद सहित 5 महानगर पालिकाएं होंगी नई महानगर पालिकाओं की मेंटर

मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने स्पष्ट रूप से कहा है कि राज्य के इतिहास में एक साथ 9 नगर पालिकाओं को महानगर पालिकाओं में रूपांतरित करने का निर्णय योजनाबद्ध शहरी विकास की गति की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाता है।

श्री पटेल राज्य में हाल ही में नवगठित 9 महानगर पालिकाओं के आयुक्तों, प्रशासकों तथा अन्य अधिकारियों की शनिवार को गांधीनगर में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने जोड़ा कि लोगों में अब विकास के प्रति जागृति आई है। इतना ही नहीं; लोगों को आज के बदलते युग में पब्लिक डिलीवरी तथा सर्विसेज भी प्रभावशाली ढंग से चाहिए।

इस संदर्भ में राज्य सरकार ने योजनाबद्ध शहरी विकास को गति देने के लिए 9 नई महानगर पालिकाओं का गठन किया है।

श्री भूपेंद्र पटेल ने जोड़ा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत@2047 का जो संकल्प किया है, उसमें सुदृढ़ शहरी विकास आयोजन से विकसित गुजरात बनाने के लिए राज्य सरकार आगे बढ़ रही है।

उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया कि इन नौ नगर पालिकाओं के महानगर पालिका में रूपांतरण काल (ट्रांजिशनल पीरियड) के दौरान नागरिकों को प्राप्त सभी सेवा-सुविधाएँ पूर्ववत मिलती रहें।मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने इस उद्देश्य से नवगठित महानगर पालिकाओं की प्रशासनिक क्षमता में वृद्धि, दैनिक प्रशासनिक कामकाज में उचित मार्गदर्शन तथा मैनपावर ट्रेनिंग के लिए राज्य की मौजूदा पाँच बड़ी महानगर पालिकाओं को एक वर्ष तक नई महानगर पालिकाओं की मेंटर के रूप में रखने का निर्णय किया है।

मुख्यमंत्री के निर्णय के अनुसार अहमदाबाद महानगर पालिका नवगठित नडियाद व सुरेन्द्रनगर महानगर पालिकाओं की मेंटर, वडोदरा महानगर पालिका नवगठित आणंद महानगर पालिका की मेंटर, सूरत महानगर पालिका नवगठित वापी व नवसारी महानगर पालिकाओं की मेंटर, राजकोट महानगर पालिका नवगठित मोरबी व गांधीधाम महानगर पालिकाओं की मेंटर, जामनगर महानगर पालिका नवगठित पोरबंदर महानगर पालिका की मेंटर तथा गांधीनगर महानगर पालिका नवगठित मेहसाणा महानगर पालिका की मेंटर के रूप में कार्यरत रहेंगी।

श्री पटेल ने कहा कि महानगर पालिकाओं का गठन होने के बाद नागरिकों को स्पष्ट दिखाई दें व बदलाव का अहसास कराएँ; ऐसे सड़क-मार्ग, जल, ड्रैनेज, लाइट तथा बाग-बगीचे जैसे सुविधाकारी कार्य शुरू करने का दायित्व नवनियुक्त महानगर पालिका आयुक्तों को निभाना है।

उन्होंने जोड़ा कि नई महानगर पालिकाएँ अपने नगरों के विकास का रोडमैप तैयार करें। इतना ही नहीं; विकास कार्यों के लिए धन की आवश्यकता के बारे में भी राज्य सरकार को बताएँ।

श्री पटेल ने इस संदर्भ में कहा कि विकास कार्यों के लिए धन की कभी कोई कमी न रहे; ऐसा वित्तीय प्रबंधन प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गुजरात ने किया है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रत्येक नवगठित महानगर पालिका को प्रशासनिक क्षमतावर्धन, कार्यालय सुदृढ़ीकरण तथा अन्य सुविधाओं के लिए 10 करोड़ रुपए एवं शहरी सफाई-स्वच्छता सहित नगर सौंदर्यीकरण कार्यों के लिए 10 करोड़ रुपए सहित कुल 20 करोड़ रुपए के अनुदान आवंटन को मंजूरी भी दी।

उन्होंने कहा कि इन महानगर पालिकाओं में विकास कार्यों की प्रतिस्पर्धा हो। इतना ही नहीं; शहरी जन सुख-सुविधा कार्यों के लिए नागरिकों की अपेक्षा को संतुष्ट करने वाला वाणी-आचरण-व्यवहार भी नई टीम से अपेक्षित है।

मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने विश्वास व्यक्त किया कि ये नौ नई महानगर पालिकाएँ राज्य के शहरी विकास को नई ऊँचाई देकर 2047 तक विकसित भारत के लिए विकसित गुजरात के निर्माण में भी योगदान देंगी।

इस एक दिवसीय कार्यशाला में गुजरात शहरी विकास संस्थान के महानिदेशक श्री आई. पी. गौतम ने शहरों के भविष्योन्मुखी आयोजन तथा विकास की संभावनाओं पर मार्गदर्शक व्याख्यान दिया।

शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव श्री अश्विनी कुमार ने इस कार्यशाला का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में शहरी विकास को गति देने वाले त्वरित निर्णय किए हैं।

मुख्यमंत्री ने 9 महानगर पालिकाओं के गठन की घोषणा के बाद अल्पकाल में ही महानगर पालिका आयुक्त सहित आवश्यक मैनपावर उपलब्ध कराकर फुल फ्लेज्ड महानगर पालिकाएँ शीघ्रतापूर्वक कार्यरत की हैं।

अब, उन्होंने मौजूदा महानगर पालिकाओं द्वारा नई महानगर पालिकाओं के हैंड होल्डिंग से कैपेसिटी बिल्डिंग भी तेजी से करने का आयोजन किया है।

महानगर पालिका प्रशासन आयुक्त श्री राज कुमार बेनीवाल ने अपने संबोधन में सभी का स्वागत किया।


इस कार्यशाला में नवनियुक्त मनपा आयुक्त, प्रशासक कलेक्टर व अधिकारी तथा मौजूदा मनपा आयुक्त सहभागी हुए।

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